प्रदूषण बढ़ने के साथ ही श्वसन तंत्र में खराबी आने लगती है। तापमान में अचानक परिवर्तन के कारण, प्रदूषण के छोटे कण शरीर में प्रवेश करना शुरू कर देते हैं, जो फेफड़ों में फंस जाता है। इससे सर्दी खांसी जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इससे भविष्य में ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, COPD जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस समस्या से बचाव के लिए आयुर्वेद के साथ-साथ कुछ घरेलू नुस्खे फायदेमंद हैं।


बढ़ता प्रदूषण लोगों को परेशान कर रहा है। खासकर रोजमर्रा की यात्रा में, लोगों को कई प्रदूषण की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डॉ। आयुर्वेदाचार्य ने प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाकर प्रदूषण के प्रभाव को कैसे कम किया जाए वो कहा हैं।

- जब शरीर सर्दी-खांसी के प्रदूषण के प्रति प्रतिक्रिया करता है, तो 2 गिलास गर्म पानी पिएं और मुंह को कपड़े से ढकें और 20 मिनट तक पसीना आने दें। ऐसा करने से कफ आसानी से निकल जाएगा। आप इसे दो बार कर सकते हैं, लेकिन दिन के दौरान प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए रात में सावधान रहें।

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- हल्दी को पानी में उबालकर कुल्ला करें। इसके अलावा आप हल्दी वाला पानी पी सकते हैं।

- नमक के पानी से कुल्ला करें या पानी में मिलाकर पीएं।

- कमर और छाती पर देसी घी में थोड़ा सा दालचीनी मिलाकर मालिश करें। यह उपाय जमा कफ को बाहर निकाल देगा। इस तरह की मालिश दिन में 3-4 बार की जानी चाहिए।

- नमक, काली मिर्च, पीपर के साथ मिलाएं और खाएं। आप अलग-अलग भी खा सकते हैं। उबलते पानी या पीसी में 2-3 काली मिर्च, 5-7 पीपर और आधा नमक डालें। आयुर्वेद में इस मिश्रण को त्रिकोणीय पाउडर के रूप में जाना जाता है। यह शरीर में गहराई तक जाता है और प्रदूषण के कणों को छोड़ता है।

- रोजाना थोड़ा गुड़ (लगभग 5 ग्राम) खाएं। यह फेफड़े और धमनियों को साफ करता है। आप चीनी की जगह गुड़ डालकर चाय बना सकते हैं। रात को सोने जाने से पहले आप गर्म दूध के साथ गुड़ खा सकते हैं। यदि आपके पास गुड़ नहीं है, तो आप तिल के बीज बना सकते हैं और उन्हें खा सकते हैं।

- काली मिर्च के चूर्ण को शहद के साथ खाने से छाती में जमा कफ दूर होता है।


इस प्रकार बढ़ाये प्रतिरक्षा प्रणाली को

- 9-10 चुटकी तुलसी, एक छोटा टुकड़ा अदरक, दो लौंग, दो काली मिर्च एक गिलास पानी में उबालने के लिए। तब तक उबालते रहें जब तक पानी आधा न भर जाए। मिश्रण को आरामदायक होने पर ही पियें। इन वस्तुओं को चाय या दूध में उबालकर भी पीया जा सकता है। अगर आप इसे चाय के साथ उबालते हैं तो इसमें एक चुटकी नमक मिला सकते हैं ताकि गले को आराम मिले।

- रोज एक कप दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर उबालें। गर्म होने पर ही पिएं।

- खजूर खाना चाहिए। हथेली प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के साथ एक टॉनिक के रूप में कार्य करती है। बूढ़े लोग दूध में 5-10 खजूर उबाल सकते हैं। पहले खजूर खाएं और बाद में दूध। आप छोटे बच्चों को 1-3 खजूर दे सकते हैं।