सिम कार्ड बंद हुआ और अचानक Bank खाते में से पैसे खाली : जाने ये नया फोर्ड

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इन दिनों काफी बार न्यूज़ / समाचार पत्रक / यू ट्यूब वीडियो सभी जगह से फोर्ड के मामले सामने आ रहे है. हर बार कुछ ना कुछ नया तरीका लगाया जाता है और लोगो को ठगा जाता है. हाल ही में एक कुछ नयी तरीके से फोर्ड़ हो रहे है. जिनमे से हम यहाँ आपके साथ दो मामले साझा करेने जा रहे है. जिसमे ना तो OTP मांगते ना PIN नंबर मांगते है लेकिंग फिर भी आपका Account खाली कर देते है.

सिम कार्ड बंद हुआ और अचानक Bank खाते में से पैसे खाली : जाने ये नया फोर्ड


जयपुर में एक CA Firm के दो Partner के देर रात अचानक एक साथ दोनों के SIM बंद हो गए। दोनों आराम से यह सोचकर सो गए कि शायद नेटवर्क में दिक्कत होगी इसलिए नेटवर्क नहीं आएगा। अगली सुबह जब सिम चालू नहीं हुए तो उनकी टेंशन बढ़ जाती है। तीसरे दिन पता चला कि उसके बैंक खाते में रखे सारे जमा को साइबर ठगों ने उड़ा दिया है. इसे SIM Swap फ्रॉड कहते है 

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बाड़मेर के बालोतरा में एक निजी फैक्ट्री के मैनेजर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उसके बीएसएनएल नंबर के सिम ने अचानक नेटवर्क मिलना बंद कर दिया। जब तक उसने नया सिम एक्टिवेट किया, तब तक फर्म से जुड़े खाते में करीब 30 लाख रुपये का लेनदेन हो चुका था। राजस्थान पुलिस की साइबर विशेषज्ञ टीम की जांच में पता चला है कि दोनों ही मामलों में सिम दूसरे राज्य में अस्थायी रूप से सक्रिय था। साइबर ठग बस खाते खाली कर देते हैं।

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दोनों ही मामलों में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सिम अचानक कैसे बंद हो गई। सिम बंद होने पर भी उसी यूनिक नंबर के साथ दूसरे राज्य में कैसे चालू हुआ। एक चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब दोनों मामलों में भास्कर की साइबर विशेषज्ञ टीम द्वारा जांच की जा रही थी। ग्राहक से बिना ओटीपी नंबर मांगे, बिना किसी विवरण के, साइबर चोर सारे रिकॉर्ड चुरा सकता है और आपके खाते में रखे पैसे को पल भर में चुरा सकता है. साइबर ठगों ने फंसाने का नया तरीका निकाला है। यह एक ऐसा तरीका है जिसमें जोखिम न के बराबर होता है और साइबर ठग आसानी से चुटकी में 500-1000 करोड़ रुपये तक की ठगी कर सकते हैं। इस कहानी के माध्यम से हम आपको साइबर ठगों के नए वेब और इससे बचने के तरीके के बारे में बताएंगे।

SIM Swap Fraud कैसे होता है?

इसके बाद, वे पीड़ित के मोबाइल सेवा प्रदाता को कॉल करेंगे और दावा करेंगे कि उन्होंने मोबाइल हैंडसेट खो दिया है या नया हैंडसेट या क्षतिग्रस्त SIM Card प्राप्त किया है। पीड़ित के व्यक्तिगत डेटा का उपयोग करते हुए, जालसाज़ उपयोगकर्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर के लिए जारी किया गया नया SIM Card प्राप्त करने का प्रबंधन करते हैं। एक बार नया SIM Card जारी होने के बाद, मोबाइल सेवा प्रदाता पुराने SIM Card को निष्क्रिय कर देते हैं, जो SIM Swap Fraud के मामले में ग्राहकों के कब्जे में है। अब, पीड़ित को अपने फोन पर कोई SMS प्राप्त नहीं होगा।

एक बार जब अपराधियों के पास पीड़ित के फोन नंबर तक पहुंच होती है, तो वे बैंक खातों को लक्षित करते हैं। अधिकांश ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं जैसे पासवर्ड रीसेट, ऑनलाइन मनी ट्रांसफरिंग (NEFT, RTGS आदि) के लिए, आपको वन टाइम पासवर्ड (OTP) की आवश्यकता होती है। चूंकि उनके पास पीड़ित मोबाइल नंबर तक पहुंच है, वे आसानी से बैंक खाते के माध्यम से वित्तीय लेनदेन करने के लिए URN / OTP और अलर्ट का उपयोग कर सकते हैं।

SIM Swap Fraud क्या है? कैसे सुरक्षित रहें : Click here




Note :

किसी भी हेल्थ टिप्स को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले. क्योकि आपके शरीर के अनुसार क्या उचित है या कितना उचित है वो आपके डॉक्टर के अलावा कोई बेहतर नहीं जानता


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