अयोध्या में क्यों हारी भारतीय जनता पार्टी? यही एक कारण है और राम मंदिर का लाभ नहीं मिला



अयोध्या में समाजवादी पार्टी की जीत हुई है. लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अयोध्या लोकसभा को लेकर है. तो आइए जानते हैं कि आखिर क्यों बीजेपी को अयोध्या में हार का सामना करना पड़ा है.

अयोध्या में क्यों हारी भारतीय जनता पार्टी? यही एक कारण है और राम मंदिर का लाभ नहीं मिला


लोकसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. इस बार भारतीय जनता पार्टी को नहीं बल्कि एनडीए को बहुमत मिला है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा अयोध्या यानी फैजाबाद लोकसभा सीट पर हो रही है. अयोध्या में भारतीय जनता पार्टी की हार हो गई है. 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर का उद्घाटन हुआ. इस बीच हर कोई अयोध्या में बीजेपी की हार पर चर्चा कर रहा है. सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. लेकिन अयोध्या में बीजेपी की हार के कई कारण हैं, हम उन पर चर्चा करेंगे.

इसके अलावा सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा है

अयोध्या ने कभी अपने सच्चे राजा का साथ नहीं दिया. अयोध्या की जनता ने भगवान श्री राम का भी साथ नहीं दिया.

अयोध्या में समाजवादी पार्टी की जीत हुई

सबसे चौंकाने वाला नतीजा अयोध्या में आया है. अयोध्या में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद 54567 वोटों से जीत गए हैं. उन्हें कुल 5,54,289 वोट मिले. तो वहीं बीजेपी के लल्लू सिंह को 4,99,722 वोट मिले हैं. जबकि तीसरे नंबर पर बसपा के सच्चिदानंद पांडे को 46407 वोट मिले हैं.

राम मंदिर निर्माण से कोई फायदा नहीं हुआ

बीजेपी ने राम मंदिर मुद्दे पर देशभर में हलचल मचा दी थी और उसे उम्मीद थी कि उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में उसे इसका फायदा मिलेगा. लेकिन बीजेपी की ये रणनीति फेल हो गई और अयोध्या में इसके उलट नतीजे मिले हैं. लोगों के बीच यह चर्चा है कि इतना बड़ा आयोजन हुआ लेकिन बीजेपी अयोध्या में क्यों हार गई. आइए उस बिंदु पर चर्चा करें।

राम मंदिर निर्माण के लिए मकान और दुकानें तोड़ी गईं

राम मंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या में कई विकास कार्य किये गये हैं. अयोध्या में 14 किमी लंबा रैंप बनाया गया है. इसके अलावा भक्ति पथ और रामजन्मभूमि पथ भी बनाया गया है. लेकिन इन विकास कार्यों के लिए कई लोगों के घर और दुकानें तोड़ दी गईं. अयोध्या में कई लोगों को मुआवजा नहीं मिला. केवल उन्हीं को मुआवजा दिया गया जिनके पास दस्तावेज थे।

अयोध्या में कई लोगों के पास सदियों पुरानी दुकानें तो हैं, लेकिन दस्तावेज नहीं. इन लोगों को कोई मुआवजा नहीं मिला. ऐसे कई मुद्दों को लेकर लोगों में नाराजगी थी. यह मुद्दा चुनाव के दौरान भी चर्चा में रहा था. जिन लोगों ने अपनी दुकानें या घर खोए वे बीजेपी से नाराज थे. उसमें उन लोगों ने वोट न देकर अपनी नाराजगी जाहिर की है.

आरक्षण का मुद्दा भारी पड़ गया है / Reservation Fake News

बीजेपी नेताओं ने अयोध्या में बयानबाजी की. जनता के बीच यह संदेश गया कि भाजपा आरक्षण खत्म कर देगी. मतदाताओं ने भी इस मुद्दे पर वोट किया. इसके अलावा बीजेपी उम्मीदवार ने कहा कि मोदी सरकार को 400 सीटें चाहिए, इसलिए संविधान बदलना होगा. ये मुद्दा लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में भी रहा. इस मुद्दे ने भी बीजेपी को तगड़ा झटका दिया है.

जातिगत समीकरण / Caste equation

अयोध्या में पासी जाति के लोग बड़ी संख्या में हैं. उसमें समाजवादी पार्टी ने अवधेश प्रसाद को अयोध्या से अपना उम्मीदवार बनाया था. उत्तर प्रदेश की राजनीति में अवधेश प्रसाद एक बड़ा दलित चेहरा और छवि हैं. अयोध्या में दलित वोट सपा को मिला है. इसके अलावा समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार की भी इस क्षेत्र में अच्छी लोकप्रियता थी.


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NOTE : यहां दी गई जानकारी एक सामान्य अनुमान और धारणा ओ के आधारित हे किसी भी जानाकरी कोई निष्कर्ष पर कृपया ना पोहचे। जानकारी के अनुरूप Expert की सलाह जरूर ले. धन्यवाद

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