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वाहन-मोबाइल चोरी के मामले में अब ऑनलाइन e-FIR की जा सकेगी



Mobile Phone (मोबाइल फोन), Laptop (लैपटॉप) या Vehicles (वाहन) Theft (चोरी) होने की सूचना पुलिस थाने जाने पर अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं करती है। और पुलिस चोरी की शिकायत का सबूत पेश करने के नाम पर कई महीनों तक एफआईआर दर्ज नहीं करती है। हालांकि, अब जबकि इन सभी आरोपों का अंत हो गया है, राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा 'e-FIR' परियोजना के तहत अब वाहन, मोबाइल या लैपटॉप की चोरी की रिपोर्ट ऑनलाइन की जा सकती है। गृह मंत्रालय की ओर से कल एक अधिसूचना जारी की गई है। जिसमें वाहन-मोबाइल चोरी होने की स्थिति में e-FIR की जा सकेगी।

वाहन-मोबाइल चोरी के मामले में अब ऑनलाइन e-FIR की जा सकेगी



वाहन और मोबाइल चोरी के मामले में अगर चोर कोई अजनबी है तो गृह विभाग ने सरकार के सिटीजन पोर्टल या सिटीजन फर्स्ट एप के जरिए e-FIR करने का फैसला किया है। यदि आरोपी अज्ञात है या वादी घायल नहीं है, तो वे आगे की जांच के लिए समय सीमा के भीतर e-FIR के बाद 48 घंटे के भीतर जांच अधिकारी से संपर्क करेंगे।

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- सिटीजन पोर्टल या सिटीजन फर्स्ट मोबाइल एप पर e-FIR कर सकते है।

- फोन या वाहन चोरी की जानकारी इस एप पर रजिस्टर कर ऑनलाइन अपलोड करनी होगी।

- ऑनलाइन आवेदन का प्रिंटआउट लेने और उस पर हस्ताक्षर करने के बाद, हस्ताक्षरित आवेदन को स्कैन और अपलोड करना होगा।

- e-FIR उस थाने को अग्रेषित किया जाएगा जिसका नाम घटना के विवरण में लिखा गया है और यदि नाम नहीं लिखा है तो e-FIR पुलिस आयुक्त के कार्यालय को अग्रेषित किया जाएगा और e-FIR की जाएगी पुलिस आयुक्त / पुलिस अधीक्षक के कार्यालय द्वारा संबंधित पुलिस स्टेशन को भेजा जाता है।

- थाना अधिकारी ई-गुजकोप की यूजर ID से ई-गुजकोप में लॉग इन कर पोर्टल वर्कलिस्ट में e-FIR देख सकेंगे और किसी भी स्थिति में ड्यूटी/कर्मचारी को प्राथमिकी के लिए थाने भेजना होगा। 24 घंटे के भीतर जांच करना होगा।

- जब प्रारंभिक जांच पुलिस थाने में ड्यूटी पर तैनात जांच अधिकारी को सौंपी जाती है, तो जांच अधिकारी के साथ-साथ शिकायतकर्ता को जांच अधिकारी के कार्यभार के बारे में Email/SMS द्वारा सूचित किया जाएगा।

- जांच अधिकारी ऐसी e-FIR प्राप्त होने के बाद पहली e-FIR का आवश्यक अध्ययन करेगा और अपलोड करने के 48 घंटे के भीतर शिकायतकर्ता से संपर्क करेगा, संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करेगा और चोरी की घटना के लिए वाहन चोरी/मोबाइल के दृश्य का दौरा करेगा। यह पूरी प्रक्रिया e-FIR अपलोड होने के 48 घंटों के भीतर पूरी की जानी चाहिए और e-FIR पर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जमा करनी होगी।

- रिपोर्ट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर थाना अधिकारी e-FIR का उचित निस्तारण कर उसे ई-गुजकोप में दर्ज करेंगे। यदि e-FIR में झूठे दस्तावेज और गलत विवरण हैं, तो आवेदन दायर किया जाएगा। सिटीजन पोर्टल/सिटिजन फर्स्ट मोबाइल एप से अपलोड होने के 72 घंटे के भीतर e-FIR का निस्तारण किया जाना है।

- यदि वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अधिसूचना के 24 घंटे के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पुलिस उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को Email/SMS द्वारा सूचित किया जाएगा। इस प्रकार, यदि e-FIR के संबंध में अंतिम निर्णय पांच दिनों के भीतर (120 घंटे के भीतर) नहीं लिया जाता है, तो ऐसी e-FIR की संख्या स्वचालित रूप से आवंटित की जाएगी। पुलिस आयुक्त/पुलिस उपायुक्त/पुलिस अधीक्षक संबंधित की जिम्मेदारी का निर्धारण थाने के अधिकारी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे।

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PI से लेकर कमिश्नर तक के अफसरों की जिम्मेदारी तय

इंस्पेक्टर- चौबीस घंटे में निपटारा
- e-FIR प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर PI का निपटारा करना होगा
- e-FIR के निस्तारण में वाहन, मोबाइल चोरी पर नजर रखी जाए।
- जांच अधिकारियों को प्रशिक्षण देना होगा।

ACP-DCP- 30 दिनों के भीतर e-FIR की जांच
- e-FIR का निस्तारण समय पर करें
- e-FIR सत्यापित करें और इसे ठीक से दर्ज करें
- e-FIR की प्राथमिकी दर्ज होने के 30 दिनों के भीतर जांच पूरी की जानी चाहिए।

कमिश्नर- सभी मॉनिटरिंग करें
- e-FIR पर नियत समय में निगरानी रखनी होगी।
- e-FIR की समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी।

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Note :

किसी भी हेल्थ टिप्स को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले. क्योकि आपके शरीर के अनुसार क्या उचित है या कितना उचित है वो आपके डॉक्टर के अलावा कोई बेहतर नहीं जानता

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