18 जुलाई से क्या हुआ महंगा और क्या हुआ सस्ता - देखे यहाँ

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GST Council ने कुछ वस्तुओं पर दरों में वृद्धि करते हुए कुछ वस्तुओं पर छूट को वापस लेने का निर्णय लिया है। फैसले के बाद पैक्ड गेहूं का आटा, पापड़, पनीर, दही और छाछ पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि चंडीगढ़ में GST परिषद की दो दिवसीय बैठक में विभिन्न समूहों द्वारा दरों को युक्तिसंगत बनाने के सुझावों को स्वीकार कर लिया गया है। जिससे टैक्स की दरों में बदलाव हुआ है। ये बदलाव 18 जुलाई से प्रभावी होंगे।

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हालांकि, GST Council ने पुनर्विचार के लिए मंत्रियों के समूह (GoM) को कैसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और घुड़दौड़ पर एक रिपोर्ट भेजी है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए GST Council अगस्त के पहले सप्ताह में फिर से बैठक करेगी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि GST Council की अगली बैठक अगस्त में तमिलनाडु के मदुरै में होगी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राज्यों को GST मुआवजा बढ़ाने के लिए GST Council की बैठक में कोई फैसला नहीं लिया गया है। दर की तर्कसंगतता के बारे में परिषद में भी कोई चर्चा नहीं हुई। इसके लिए पैनल को 3 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है।

इस सामान की कीमत बढ़ी

पैक्ड फिश, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखे बीन्स, सोयाबीन और मटर जैसे उत्पादों पर अब 5 फीसदी GST लगेगा।

चेक जारी करने के लिए बैंकों द्वारा वसूले जाने वाले शुल्क पर 18% GST लगेगा।

मानचित्र और चार्ट, एटलस सहित, 12 प्रतिशत GST के अधीन होंगे।

एक हजार रुपये प्रतिदिन से कम के होटल के कमरों पर 12 प्रतिशत GST।

अस्पताल 5,000 रुपये से अधिक के किराए के कमरों पर 5 प्रतिशत GST लेगा।

प्रिंटिंग/ड्राइंग इंक, शार्प नाइफ, पेपर कटिंग नाइफ और पेंसिल शार्पनर, एलईडी लैंप, ड्राइंग और मार्किंग उत्पादों पर GST को बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।

सोलर वॉटर हीटर पर अब 12 फीसदी GST लगेगा, जो पहले 5 फीसदी था।

सड़कों, पुलों, रेलवे, महानगरों, अपशिष्ट उपचार संयंत्रों और कब्रिस्तानों के लिए जारी किए गए ठेके अब 18 प्रतिशत GST के अधीन होंगे। अब तक यह 12 फीसदी था।

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ये चीजें होंगी सस्ती

रोपवे और यात्री परिवहन और मलबा हटाने की सर्जरी से जुड़े उपकरणों पर GST को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया।

ईंधन सहित माल परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ट्रकों पर अब 18 फीसदी के बजाय 12 फीसदी GST लगेगा।

कुछ आर्थोपेडिक लाइन-अप में, GST को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

इन वस्तुओं पर देना होगा जीएसटी

डिब्बा या पैकेट बंद और लेबल युक्त (फ्रोजन को छोड़कर) मछली, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज तथा मुरमुरे पर अब पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा. आपको बता दें अब तक इन वस्तुओं को जीएसटी से छूट मिली हुई थी. टेट्रा पैक और बैंक की तरफ से चेक जारी करने की सेवा पर 18 फीसदी जीएसटी चुकाना होगा. एटलस समेत नक्शे तथा चार्ट पर 12 फीसदी जीएसटी वसूलने का फैसला लागू होने जा रही है. 

बजट होटल और इलाज हुआ महंगा

अब बाहर घूमने जाना आपके लिए महंगा हो जाएगा. दरअसल पहले 1,000 रुपये से कम के किराये वाले कमरे पर जीएसटी नहीं लगता था. लेकिन 18 जुलाई, 2022 से 1,000 रुपये प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल कमरों पर 12 फीसदी जीएसटी देना होगा. इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिये आईसीयू को छोड़कर 5,000 रुपये से अधिक किराये वाले कमरों पर पांच फीसदी जीएसटी देना होगा. यानि निजी अस्पतालों में इजाज आपके लिए महंगा होने जा रहे है. 

इंक-पेंसिल शार्पनर महंगा

बच्चों की पढ़ाई लिखाई से जुड़ी चीजें अब महंगी हो जाएगी. जीएसटी काउंसिल ने प्रिंटिंग-ड्राइंग इंक, पेंसिल शार्पनर, एलईडी लैंप, ड्राइंग और मार्किंग करने वाले प्रोडक्ट्स, चाकू, कागज काटने वाला चाकू पर भी जीएसटी रेट बढ़ाने का निर्णय लिया है. इन वस्तुओं पर 18 फीसदी जीएसटी देना होगा. सौर वॉटर हीटर पर अब 12 फीसदी जीएसटी लगेगा जबकि पहले 5 फीसदी जीएसटी लगता था. कट या पोलिश डायमंड पर 0.25 फीसदी की जगह 1.5 फीसदी जीएसटी देना होगा. एलईडी लैंप, लाइट्स पर भी 12 की जगह अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगा. 

Note :

किसी भी हेल्थ टिप्स को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले. क्योकि आपके शरीर के अनुसार क्या उचित है या कितना उचित है वो आपके डॉक्टर के अलावा कोई बेहतर नहीं जानता


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