बीजेपी पीडीपी क्यों टुटा गठबंधन देखिए

भाजपा-पीडीपी का गठबंधन इन कारणों से टूटा, पाकिस्तान ने निभाई मुख्य भूमिका

kyu toota bjp pdp ki sarkar
Reporter17
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से अपना सर्मर्थान वापस ले लिया है। भाजपा पीडीपी का गठबंधन 2014 के आम चुनाव के बाद हुआ था। पीडीपी से गठबंधन तोड़ने से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज ही दिल्ली में राज्य के सभी बड़े पार्टी नेताओं समेत NSA अजीत डोभाल से मुलाक़ात की थी, जिसके बाद भाजपा ने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया।




भाजपा ने समर्थन वापसी के लिए राज्यपाल को भी चिट्टी सौंप दी है और साथ ही राज्य में राज्यपाल शासन लगाने की मांग की है। जिसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुख्यमंत्री ने राज्यपाल एन एन वोहरा को अपना इस्तीफा सौंपा दिया है। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद भाजपा नेता राम माधव ने कहा कि हमने पीडीपी से गठबंधन तोड़ने का फैसला जम्मू-कश्मीर के तीन साल के कामकाज, गृह मंत्रालय और सभी एजेंसियों से राय लेकर किया है।

उन्होंने आगे कहा कि तीन साल पहले जब भाजपा पीडीपी का गठबंधन हुआ था तब परिस्थितियां कुछ और थी, लेकिन अब जो परिस्थितियां बनी है उसे देखते हुए पीडीपी के साथ गठबंधन को आगे चलना मुश्किल हो गया था।

- घाटी में आतंकवाद, कट्टरपंथ, हिंसा बढ़ रही है। ऐसे माहौल में सरकार में रहना मुश्किल था।


रमजान के दौरान सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन रोक दें, इसे लेकर भाजपा-पीडीपी में मतभेद थे। महबूबा के दबाव में केंद्र ने सीजफायर तो किया लेकिन इस दौरान घाटी में 66 आतंकी हमले हुए, पिछले महीने से 48 ज्यादा। ऑपरेशन ऑलआउट को लेकर भी भाजपा-पीडीपी में मतभेद था।

- पीडीपी चाहती थी कि केंद्र सरकार हुर्रियत समेत सभी अलगाववादियों से बातचीत करे। लेकिन, भाजपा इसके पक्ष में नहीं थी।

- भाजपा-पीडीपी का गठबंधन टूटने का सबसे बड़ा और पहला कारण रहा कश्मीर घाटी में रहने वाली आबादी का भारत से अलगाव।

- दूसरा मुख्य कारण रहा पीडीपी कश्मीर को भारत का हिस्सा तो मानती है, लेकिन उसकी राजनीति का आधार घाटी के लोगों की मांग पर ही आधारित है।

- पीडीपी हमेशा धारा 370 का बचाव करती रही, जिसके कारण मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी और हिंदू बहुल जम्मू क्षेत्र के बीच मतभेद बने रहे।

- भाजपा पीडीपी का गठबंधन इसलिए हुआ था ताकि भारत और पाकिस्तान के बीच संप्रभुता का विवाद हल हो सके, लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि दोनों ही देश पूरे क्षेत्र पर अपना हक़ जताते हैं।

- पांचवा मुख्य कारण रहा घाटी में छुपे आतंकवादियों और पत्थारबाजों पर पीडीपी सरकार नाकाम रही, जिसके कारण सेना के कई जवान शहीद हो गए।



जम्मू कश्मीर विधानसभा में सीटों की स्थिति

पार्टी                        सीटें
पीडीपी                     28
भाजपा                      25
नेशनल कॉन्फ्रेंस        15
कांग्रेस                      12
अन्य                           7
कुल                           87

बहुमत के लिए जरूरी    44


कांग्रेस ने कहा- सरकार नहीं बनाएंगे: कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा,''पीडीपी के साथ कांग्रेस के सरकार बनाने का सवाल ही नहीं उठता। लेकिन, भाजपा पीडीपी सरकार के सिर पर सारी तोहमत मढ़कर भाग नहीं सकती है। इस सरकार में सबसे ज्यादा जवान शहीद हुए। सबसे ज्यादा आतंकी हमले हुए और सीजफायर वॉयलेशन हुआ।'' पीडीपी नेता रफी अहमद मीर ने कहा, ''भाजपा के इस फैसले से हमें आश्चर्य हुआ। हमें इस तरह के कोई संकेत नहीं मिले थे।''

एनसी ने कहा- हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया : राज्य में 15 सीटों वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मैंने गवर्नर से मुलाकात की और कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को न तो 2014 में जनादेश मिला था, न 2018 में हमारे पास बहुमत है। हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया और हम भी किसी से संपर्क नहीं कर रहे। ऐसी स्थिति में राज्य में राज्यपाल शासन लगाने का ही रास्ता बचता है।’’

राज्य में लोगों का जीने का अधिकार खतरे में :राम माधव ने कहा, ‘‘गृह मंत्रालय और एजेंसियों से सूचनाएं लेने के बाद हमने मोदीजी और अमित शाह से सलाह ली। हम इस नतीजे पर पहुंचे कि इस गठबंधन की राह पर चलना भाजपा के लिए मुश्किल होगा। घाटी में आतंकवाद, कट्टरपंथ और हिंसा बढ़ रही है। लोगों के जीने का अधिकार और बोलने की आजादी भी खतरे में है। पत्रकार शुजात बुखारी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। ये स्थिति की गंभीरता को बताता है। रमजान के दौरान हमने ऑपरेशन रोके, ताकि लोगों को सहूलियत मिले। हमें लगा कि अलगाववादी ताकतें और आतंकवादी भी हमारे इस कदम पर अच्छी प्रतिक्रिया देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।"

अगर आपको ये लेख पसंद आया तो कृपया कमेंट करें और शेयर करें



Note :

किसी भी हेल्थ टिप्स को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले. क्योकि आपके शरीर के अनुसार क्या उचित है या कितना उचित है वो आपके डॉक्टर के अलावा कोई बेहतर नहीं जानता


अगर आपको Viral News अपडेट चाहिए तो बाई और दिय गयी Bell आइकॉन पर क्लिक करे या फिर हमे फेसबुक पेज Facebook Page पर फॉलो करे.

सरकारी योजना सरकारी भर्ती 2020
The views and opinions expressed in article/website are those of the authors and do not Necessarily reflect the official policy or position of www.reporter17.com. Any content provided by our bloggers or authors are of their opinion, and are not intended to malign any religion, ethic group, club, organization, Company, individual or anyone or anything.

कोई टिप्पणी नहीं

Jason Morrow के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.