भारत में सबकी पसंदीदा फूड चेन मैकडोनाल्ड (McDonald's) के 13 स्टोर्स दिल्ली-एनसीआर में दोबारा खुल गए हैं। लेकिन बर्गर के शौकीनों के लिए एक बुरी खबर है। दिल्ली में जो 13 स्टोर्स दोबारा खोले गए हैं, उन स्टोर में अब मैक आलू और ग्रिल्ड चिकन रैप जैसे कुछ लोकप्रिय उत्पाद नहीं मिलेंगे।


अब मैकडोनाल्ड में नहीं मिलेंगे ये उत्पाद
इस संदर्भ में मैकडोनाल्ड के एशिया के लिए निदेशक बैरी सम ने कहा कि 'विभिन्न क्षेत्रों में मैकडोनाल्ड इंडिया के अनुभव को बेहतर करने के लिए हमने स्थायी रूप से कुछ कम लोकप्रिय उत्पाद हटा दिए हैं। इनमें मैकआलू रैप, चिकन मैकग्रिल, एग रैप, ग्रिल्ड चिकन रैप और माजा बेवरेजेज शामिल है। शेष मेन्यु में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसके साथ ही आपको बता दें कि स्टोर के मैन्यू बोर्ड, ट्रे मैट्स और पैकेजिंग को नया डिजाइन दिया गया है।

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क्या है पूरा मामला
दरअसल विक्रम बख्शी के स्वामित्व वाली कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट में काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके मद्देनजर मैकडोनाल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (MIPL) ने अदालत के बाहर समझौता किया। समझौते के अनुसार अब एमआईपीएल ने हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। इससे पहले जॉइंट वेंचर वाली कंपनी कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट्स लिमिटेड (CPRL) इन सभी आउटलेट्स का संचालन कर रही थी। समझौते के बाद दिल्ली में मैकडोनाल्ड के कई स्टोर बंद हो गए थे। लेकिन अब 13 स्टोर दोबारा खुल गए हैं।

2013 में विक्रम बख्शी को हटाया था एमडी पद से
बता दें कि मैकडोनाल्ड और विक्रम बख्शी के स्वामित्व वाली कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट में काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। 2013 में मैकडोनाल्ड ने विक्रम बख्शी को सीपीआरएल के एमडी पद से हटा दिया था, जिसके खिलाफ बख्शी ने कंपनी लॉ बोर्ड में याचिका दायर की थी। इसके बाद बख्शी मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में लेकर के चले गए थे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समझौता करने के लिए कहा था।

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2017-18 में हुआ था 65 लाख का लाभ
कंपनी को वित्त वर्ष 2017-18 में 65 लाख रुपये का लाभ हुआ था। इससे पहले के वित्त वर्ष में सीपीआरएल को 305 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा था।

1995 में हुआ था करार
मैकडोनाल्ड और सीपीआरएल के बीच 1995 में करार हुआ था। तब सीपीआरएल ने फ्रैंचाइजी मॉडल पर देश भर में अपने रेस्टोरेंट खोले थे। उसी समय से मैकडोनाल्ड के कई रेस्टोरेंट अस्तित्व में आए। विश्वव्यापी ब्रांड होने के कारण और भारतीयों के स्वाद के अनुसार अपने मेन्यू में बदलाव करने के कारण कंपनी पूरे देश में काफी प्रसिद्ध हो गई थी।

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कनॉट प्लाजा रेस्त्रां प्राइवेट लिमिटेड (CPRL) के अपने प्रतिष्ठित भारतीय साथी विक्रम बख्शी के पदभार संभालने के बाद मैकडॉनल्ड्स ने अपने मेनू से कई खाद्य पदार्थों को हटा दिया है। उत्तरी और पूर्वी भारत में मैकडॉनल्ड्स की त्वरित सेवा रेस्तरां का संचालन करने वाली सीआरपीएल ने 19 मई को दिल्ली एनसीआर में 165 आउटलेट में से 13 को फिर से खोला।

अमेरिकी बर्गर चेन ने अपने मेन्यू से अनिश्चित काल के लिए माझा ड्रिंक, मैकलो रैप, चिकन मैकग्रिल, एग रैप और ग्रिल्ड चिकन रैप को खत्म कर दिया है।

कंपनी के अनुसार, 13 री-ओपन स्टोर पर जाने वाले ग्राहकों को अधिक अनुकूलित आतिथ्य, ताज़ा मेनू बोर्ड, मर्चेंडाइजिंग और पैकेजिंग के साथ एक बढ़ाया सेवा का अनुभव होगा। 

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मैकडॉनल्ड्स ने 9 मई को विक्रम बख्शी के साथ आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट की घोषणा की और सीपीआरएल में बक्शी की हिस्सेदारी खरीदी। 

बक्शी के साथ सौदा पूरा होने के बाद, CPRL अब मैकडॉनल्ड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (MIPL) और उसके सहयोगी (McDonald's Global Markets LLC, "MGM") के पूर्ण स्वामित्व में है, कंपनी ने एक बयान में कहा। 

समझौते के तहत, MGM ने CPRL में 50 प्रतिशत मतदान इक्विटी शेयरों का अधिग्रहण किया है जो बख्शी और उनकी संबद्ध संस्था द्वारा संयुक्त उद्यम की स्थापना के बाद से आयोजित किया गया था। मैकडॉनल्ड्स इंडिया अपने 50 फीसदी वोटिंग इक्विटी शेयरों को CPRL में जारी रखेगा। 
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