भारत में 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने लेवल पर प्रचार-प्रसार कर रही हैं। वहीं सरकार की ओर से भी फर्जी खबरों को रोकने के लिए WhatsApp पर काफी दबाव और व्हाट्सऐप भी इसके लिए बाकायदा काम कर रहा है। वहीं कंपनी फर्जी खबरों की रोकथाम को लेकर लगातार विज्ञापन दे रही है तो आइए जानते हैं कि व्हाट्सऐप पर फर्जी खबरों को फैलने से कैसे रोका जा सकता है और इन्हें पहचानने के तरीके क्या-क्या हैं।


फॉरवर्ड किए गए संदेशों को ध्यान से देखें
आपको मिलने वाले संदेशों पर "फॉरवर्ड किया गया" लेबल लगा होता है, जिससे आपको जानने में आसानी होती है कि आपको मिलने वाला संदेश आपके दोस्त या परिवारजन ने लिखा है या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने। जब आपको पता न हो कि आपको मिलने वाला संदेश असल में किसने लिखा है तो ऐसे में संदेशों की अच्छे से जांच करके पता लगाएं कि वह संदेश सच है या नहीं।



फोटो और वीडियो पर जल्द ही यकीन न करें
फोटो, ऑडियो और वीडियो आपको बहकाने के लिए भी भेजे जाते हैं, उनमें दिखाया गया हमेशा सच नहीं होता। अगर खबर सच्ची होगी तो अवश्य ही किसी न्यूज चैनल या रेडियो पर भी दिखाई या सुनाई जाएगी, इसलिए खबर की सच्चाई का पता लगाएं। जब एक खबर कई जगह छपती है, को उसके सच होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

थोड़े अलग दिखने वाले संदेशों से सावधान रहें
आपको मिलने वाले संदेशों या वेबसाइट्स के लिंक में अगर गलत स्पैलिंग होती है तो उनमें शामिल खबर झूठी होती है। इन संकेतों को देखें ताकि आप पता लगा सकें कि जानकारी सही है या नहीं।

किसी भी बात पर जल्द विश्वास न करें
ऐसी जानकारी से बचें जो आपकी पूर्ववर्ती मान्यताओं को कन्फर्म करती है और किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले तथ्यों की अच्छे से जांच कर लें। वे बातें जिनपर यकीन करना थोड़ा मुश्किल होता है वे अक्सर झूठी होती हैं।

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अफवाहें जल्दी फैलती हैं
ऐसा जरूरी नहीं है कि अगर संदेश कई बार शेयर किया जाए तो वह सच हो, कई बार अफवाहें ज्यादा फैलती हैं। सिर्फ इसलिए संदेश फॉरवर्ड न करें क्योंकि संदेश भेजने वाला आपसे संदेश को शेयर करने के लिए बार-बार कह रहा है, सोच-समझकर संदेश को फॉरवर्ड करें।

खबर के सच होने का पता लगाएं
अगर आपको यकीन न हो कि संदेश में मौजूद जानकारी सच है या झूठ, तो ऐसे में तथ्यों की जांच करें और न्यूज पर खबर के सच होने की जाँच करें। अगर आपको फिर भी यकीन न हो कि संदेश में मौजूद जानकारी सच है या झूठ, तो ऐसे में उन लोगों से पता करें जिन पर आपको भरोसा है।

अफवाहों को फैलने से रोकें

अगर आपको किसी ने ऐसा संदेश भेजा है जो आपको लगे कि सच नहीं है, तो जिसने आपको वह संदेश भेजा है उससे संदेश के सच होने का प्रमाण मांगें और अगर वह आपको संदेश के सच होने का प्रमाण न दे सकें तो उन्हें ऐसे संदेश भेजने से मना करें। अगर कोई ग्रुप में या कोई व्यक्ति बार-बार अफवाहें या झूठी खबरें भेजता है, तो उसकी रिपोर्ट करें। व्हाट्सऐप ने ये सभी बातें अपने ब्लॉग में कही है।